उज्ज दरिया में पनपेगी लुप्तप्राय महासीर मछली

कठुआ। देश में लुप्तप्राय मछली महासीर को उज्ज दरिया का पानी नया जीवन देने जा रहा है। सात साल का लंबा इंतजार अब जाकर परवान चढ़ेगा, जिसमें महासीर प्रजाति की मछली के लिए बाकायदा फार्म तैयार किया जाएगा। रियासत ही नहीं, बल्कि मत्स्य पालन के राष्ट्रीय मानचित्र पर यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। महासीर मछली का फार्म बनाने के लिए जम्मू संभाग के चार अलग-अलग स्थानों पर सर्वे किया गया था, लेकिन उज्ज दरिया महासीर पालन के लिए मुफीद पाया गया। बिलावर के निकट चालीस कनाल भूमि पर करीब एक करोड़ की लागत से परियोजना परवान चढ़ेगी। दरअसल एंगलिंग खेल और प्रोटीन की मात्रा को लेकर ट्राउट के बाद महासीर मछली को ही सबसे बेहतर माना जाता है। पूरे देश के जलाशयों में महासीर प्रजाति की मछली का शिकार ज्यादा हुआ, लेकिन उसके अनुपात में पालन नहीं होने के चलते यह प्रजाति खतरे की श्रेणी में दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर में रियासी के अंजी नाले में छोटे स्तर पर महासीर पालन किया जा रहा है, लेकिन बड़े स्तर पर मछली का पालन और उसका बीज तैयार करने के लिए विशेष परियोजना को उज्ज दरिया में अंजाम दिया जाएगा। वर्ष 2006 में इसकी

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